Vishwa Samvad Kendra Jharkhand
Open menu
  • Home
  • About Us
  • News
  • Views
  • Interview
  • Personality
  • Photo Gallary
  • Book Review
  • Grievance
  • Contact Us
  1. You are here:  
  2. Home

श्री गुरु हरराय साहिब जी का जीवन करुणा, सेवा और प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है

श्री गुरु हरराय साहिब जी का जीवन करुणा, सेवा और प्रकृति संरक्षण का संदेश देता हैसमालखा, पानीपत।

सातवें सिक्ख गुरु श्री गुरु हरराय साहिब जी का जीवन करुणा, सेवा और प्रकृति संरक्षण का अद्वितीय संदेश देता है। गुरु हरराय साहिब जी का जन्म 16 जनवरी, 1630 को कीरतपुर साहिब में हुआ था। वे छठे गुरु श्री हरगोविन्द जी के पौत्र थे और वर्ष 1644 में मात्र 14 वर्ष की आयु में गुरुगद्दी पर विराजमान हुए। 14 मार्च को पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो सातवें सिक्ख गुरु, गुरु हरराय जी के गुरुगद्दी दिवस से प्रेरित है।

श्री गुरु हरराय साहिब जी ने मानव सेवा के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा को विशेष महत्व दिया। उन्होंने औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों के विशाल बाग विकसित किए तथा ज़रूरतमंदों के लिए औषधालय स्थापित किए। उनका मानना था कि प्रकृति ईश्वर की अमूल्य देन है और इसकी रक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है।

श्री गुरु हरराय साहिब जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सेवा, करुणा और प्रकृति के प्रति सम्मान के साथ हम समाज और मानवता की सेवा करें तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लें।

पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री गुरु हरराय साहिब जी का यह संदेश विशेष रूप से प्रेरणादायक है। भय्याजी जोशी ने समाज को संदेश दिया कि इस दिन को हर वर्ष व्यापक रूप से मनाया जाए और प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिए। उन्होंने स्वयं भी इस अवसर पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

उन्होंने अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी को चार प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है —

  1. हरियाणा के प्रेरणा देने वाले महापुरुष
  2. भगवद्गीता पर आधारित प्रदर्शनी
  3. सरस्वती नदी से संबंधित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रस्तुति
  4. श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर उनके जीवन और बलिदान पर आधारित हस्तनिर्मित (हैंड-पेंटेड) प्रदर्शनी

इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में हरियाणा में संघ कार्य में स्वयंसेवकों, कार्यकर्ताओं के योगदान को भी दर्शाया गया है।

Page 41 of 47

  • 36
  • 37
  • 38
  • 39
  • 40
  • 41
  • 42
  • 43
  • 44
  • 45

Latest News

और भय को जीतकर जो आगे बढ़ती है, वह बनती है लक्ष्मीबाई

और भय को जीतकर जो आगे बढ़ती है, वह बनती है लक्ष्मीबाई

...
Read More
महाराणा प्रताप ने धर्म, संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रहित के लिए जीवनभर संघर्ष किया – डॉ. मोहन भागवत जी

महाराणा प्रताप ने धर्म, संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रहित के लिए जीवनभर संघर्ष किया – डॉ. मोहन भागवत जी

...
Read More
शताब्दी वर्ष में अधिकतम स्थानों पर शाखा लगाएंगे स्वयंसेवक

शताब्दी वर्ष में अधिकतम स्थानों पर शाखा लगाएंगे स्वयंसेवक

...
Read More
मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बने वैज्ञानिक नवाचार – योगी आदित्यनाथ जी

मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बने वैज्ञानिक नवाचार – योगी आदित्यनाथ जी

...
Read More

Login Form

  • Forgot your password?
  • Forgot your username?

Copyright © 2025 Vishwa Samvad Kendra Jharkhand. All Rights Reserved.