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आज संपूर्ण विश्व भारत के अध्यात्म, योग और आयुर्वेद को स्वीकार कर रहा है

भीनमाल, 5 जून 2026.

आज संपूर्ण विश्व भारत के अध्यात्म, योग और आयुर्वेद को स्वीकार कर रहा हैराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जोधपुर प्रांत के ‘महाविद्यालय विद्यार्थी एवं तरुण व्यवसायी’ श्रेणी का 15 दिवसीय ‘संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) 2026’ माँ क्षेमकरी, ब्रह्मगुप्त और महाकवि माघ की पावन भूमि भीनमाल में संपन्न हुआ।

21 मई से प्रारंभ हुए वर्ग में जोधपुर प्रांत के 7 विभागों एवं 21 जिलों से कुल 270 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ग पूर्णतः ‘प्लास्टिक मुक्त’ रहा, जल संरक्षण को लेकर शिक्षार्थियों ने बर्तन मिट्टी से ही मांजे।

मुख्य वक्ता राजस्थान क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य हनुमान सिंह जी ने भारत के 1000 वर्षों के संघर्ष और वर्तमान में देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा पर विस्तार से प्रकाश डाला। आज संपूर्ण विश्व भारत के अध्यात्म, योग और आयुर्वेद को हृदय से स्वीकार कर रहा है। पाश्चात्य देशों में भी अब कर्म और पुनर्जन्म के सिद्धांत को मान्यता मिल रही है।

आज संपूर्ण विश्व भारत के अध्यात्म, योग और आयुर्वेद को स्वीकार कर रहा हैउन्होंने समाज को आगाह किया कि इस सकारात्मक कालखंड में ‘सांस्कृतिक मार्क्सवाद’ और ‘वोकिज्म’ (Wokeism) के नए नैरेटिव के माध्यम से विघातक और अर्बन नक्सल शक्तियां भारत के युवाओं में अकारण आक्रोश और अराजकता (जैसे ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ की तर्ज पर विभाजनकारी नैरेटिव गढ़ना) पैदा करने का षड्यंत्र रच रही हैं। परिवारों में अपने धर्म, दर्शन और संस्कृति पर तर्कपूर्ण चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि घर में संस्कार विहीनता और संवादहीनता ही युवाओं के भटकाव का मूल कारण है। स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे जन-जन के बीच जाकर ‘कुटुम्ब प्रबोधन’ का कार्य करें और हिन्दू स्वाभिमान को जागृत करें।

कार्यक्रम में पूजनीय संत सुमन सुलभ जी महाराज का आशीर्वचन प्राप्त हुआ।

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